अमेरिका में बुधवार को 5G मोबाइल सेवा शुरू होने के बाद कई एविएशन कंपनियों ने अपनी उड़ानें रद्द कर दीं। इससे भारत आने वाले लोगों सहित दुनियाभर के लाखों यात्री प्रभावित हुए हैं। एयर इंडिया सहित कई इंटरनेशनल एविएशन कंपनियों ने अपनी उड़ानें रद्द करने की घोषणा कर दी। दरअसल, कंपनियों ने आगाह किया है कि नई 5G फोन सेवा के सिग्नल विमानों के नेविगेशन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं। अमेरिका के संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने 14 जनवरी को कहा था कि विमान के रेडियो अल्टिमीटर पर 5G के प्रभाव से इंजन और ब्रेकिंग प्रणाली रुक सकती है। इससे विमान को रनवे पर रोकने में दिक्कत आ सकती है।
एयर इंडिया के अलावा कई अन्य विमानन कंपनियों ने विमान सेवा रद्द की
एयर इंडिया ने ट्वीट कर कहा कि अमेरिका में 5G सेवा लागू होने से बुधवार से विमान के प्रकार में बदलाव के साथ-साथ भारत से अमेरिका के लिए जाने वाली उड़ानों में न केवल कटौती की गई, बल्कि उनमें बदलाव भी किया गया है। कंपनी ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि अमेरिका में 5G व्यवस्था लागू होने के चलते बुधवार को दिल्ली से न्यूयार्क, शिकागो, सैन फ्रांसिस्को और नेवार्क जाने व आने वाली आठ उड़ानों का संचालन नहीं करेगी। एयर इंडिया के अलावा कई अन्य विमानन कंपनियों ने भी घोषणा की कि वे 5G सेवा लागू होने के कारण अमेरिका में अपनी उड़ानें रद्द कर रही हैं। बता दें कि कुल तीन विमानन कंपनियां अमेरिकन एयरलाइंस, डेल्टा एयरलाइंस और एयर इंडिया अमेरिका और भारत के बीच सीधी उड़ानें संचालित करती हैं।
एयर इंडिया की सभी उड़ानें शुक्रवार से हो जाएंगी सामान्य
एयर इंडिया ने कहा है कि विमान निर्माता कंपनी बोईंग से संचालन की मंजूरी मिलने के बाद उसने बी-777 विमानों के जरिये भारत और अमेरिका के बीच छह उड़ानों को गुरुवार से बहाल कर दिया है और शुक्रवार से सभी उड़ानें सामान्य हो जाएंगी। विमानन नियामक संघीय विमानन प्रशासन (FAA) ने गुरुवार के नए निर्देश में कहा कि बी-777 सहित कुछ खास तरह के विमानों में लगे रेडियो अल्टीमीटर 5G सेवाओं से प्रभावित नहीं होंगे। इसके बाद एयर इंडिया के प्रवक्ता बताया कि गुरुवार से दिल्ली-न्यूयार्क, दिल्ली-शिकागो और दिल्ली-सैन फ्रांसिस्को की उड़ानें बहाल हो गईं। फंसे हुए यात्रियों को लाने-ले जाने की व्यवस्था की जा रही है।

कुछ एयरपोर्ट पर नहीं शुरू की जाएगी 5G सेवा
खबरों के मुताबिक अमेरिकी दूरसंचार कंपनियों वेरिजोन और एटीएंडटी ने कुछ एयरपोर्ट पर अपनी नई 5G सेवा शुरू नहीं करने का ऐलान किया है। वहीं बाइडेन प्रशासन ने दूरसंचार कंपनियों के इस फैसले का स्वागत किया है।
चिंता की वजह
# अमेरिका में 5जी मोबाइल सेवा के लिए 3.7-3.98 गीगाहर्ट्ज रेंज के स्पेक्ट्रम की नीलामी की गई थी। इसे सी-बैंड कहा जाता है।
# संघीय विमानन प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नई 5जी टेक्नॉलजी अल्टिमीटर जैसे एविएशन उपकरणों के काम में व्यवधान उत्पन्न कर सकती है, जो 4.2 से 4.4 गीगाहर्ट्ज की रेंज में काम करते हैं। यह रेंज 5जी के लिए आवंटित स्पेक्ट्रम की फ्रीक्वेंसी के बेहद करीब है।
केवल अमेरिका में आ रही दिक्कत
# लगभग 40 अन्य देशों में भी सी-बैंड 5जी नेटवर्क चल रहा है, लेकिन वहां विमानों की आवाजाही को लेकर किसी तरह की दिक्कत नहीं है।
# यूरोपीय यूनियन ने वर्ष 2019 में मिड रेंज 5जी बैंड्स की फ्रीक्वेंसी के लिए 3.4से 3.8 गीगाहर्ट्ज की रेंज तय की थी। यह अमेरिका में शुरू हो रही 5जी सर्विस की रेंज से कम है। वहां कोई दिक्कत नहीं आई है।
#दक्षिण कोरिया में भी 5जी नेटवर्क की फ्रीक्वेंसी 3.42 से 3.7 गीगाहर्ट्ज तक सीमित है। यहां अप्रैल 2019 से 5जी नेटवर्क काम कर रहा है और अब तक कोई दिक्कत सामने नहीं आई है।
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