21 साल का युवक मास्टरमाइंड, नाबालिग समेत 4 को आगरा पुलिस ने किया गिरफ्तार
सिमकार्ड खरीदने या फिर मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के दौरान आपकी जरा सी लापरवाही बैंक खाते को खाली करा सकती है। दरअसल, जालसाज सिमकार्ड बेचने वालों से मिलीभगत करके क्लोनिंग के जरिए ठगी कर रहे हैं। आगरा में रहने वाले रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी के सिमकार्ड का क्लोन बनाकर एक गैंग ने उनके खाते से 15 लाख रुपये निकाल लिए। इस दौरान रिटायर्ड अधिकारी को जरा सी भनक तक नहीं लगी। बैंक स्टेटमेंट के जरिए पैसे निकालने का पता चला तब उनके बेटे ने आगरा के शाहगंज थाने और साइबर सेल में शिकायत दी।
गैंग का सरगना महज 21 साल का, दूसरा शातिर नाबालिग
आगरा पुलिस ने जांच शुरू की तब चौंकाने वाली जानकारी सामने आई। गैंग का सरगना मोहित महज 21 साल का है। लेकिन शातिर इतना है कि वो लॉकडाउन के दौरान ही करोडों रुपये की ठगी को अंजाम दे चुका है। इसके गैंग में एक नाबालिग समेत तीन अन्य भी शामिल हैं। ये चारों मिलकर ठगी को अंजाम देते थे।
आगरा पुलिस ने बताया कि रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी राजाराम ने खाते से मार्च से सितंबर के बीच ही 15 लाख रुपये निकाल लिए गए। लेकिन उनके मोबाइल फोन पर कभी भी ना तो OTP आया और ना ही ट्रांजेक्शन का कोई मैसेज आया। इसकी जांच में पता चला कि कुछ महीने पहले ही कृष्णा (24) नामक मोबाइल सिमकार्ड बेचने वाले से रिटायर्ड अधिकारी ने सिमकार्ड खरीदा था। उसी दौरान आरोपी कृष्णा ने उनकी राजाराम की दो बार फोटो ली थी और डॉक्युमेंट भी ले लिए थे। इनकी मदद से उनके नाम की दूसरा सिमकार्ड भी ले लिया और मुख्य सरगन मोहित को दे दिया। इसके बाद गैंग ने रिटायर्ड अधिकार के मोबाइल फोन नंबर को उनके बैंक खाते से जोड़कर 15 लाख रुपय का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन कर लिया। इन पैसों से लग्जरी सामान भी खरीद लिए थे। जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
सिमकार्ड लेते समय रखें सावधानी
1- सिमकार्ड लेते समय ये जरूर देखें कि दुकानदार कंपनी ऐप पर ही आपक फोटो अपलोड करें
2- ये ज़रूर चेक करें कि कहीं वो आपके डॉक्युमेंट की फोटो अपने मोबाइल में सेव तो नहीं कर रहा है
3- फोन पर कभी भी किसी को अपने बैंक खाते की जानकारी ना दें।
4 – जालसाज सिमकार्ड क्लोनिंग के बाद फोन पर खुद को बैंक अधिकारी बता अकाउंट की जानकारी ले लेते हैं।
Follow for daily updates on cybercrime, corporate fraud, DFIR, hacking, investigations, and digital forensics