देशभर में 25 से अधिक लोगों से सोशल मीडिया पर दोस्ती करके बिजनेस पार्टनर बनाने का झांसा देकर 10 करोड़ की ठगी करने वाले एक नाइजीरियन को नोएडा सेक्टर-36 साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने जून 2021 में गाजियाबाद के रहने वाले सोमित्र चक्रवर्ती को अपने हर्बल सीड बिजनेस में पार्टनर बनाने के नाम ठग लिया। 87 लाख 85 हजार 850 रुपये का चूना लगा दिया। साइबर क्राइम थाना पुलिस प्रभारी रीता यादव के अनुसार आरोपी की पहचान मॉरेस स्लीवर निवासी नाइजीरिया के रूप में हुई है।
फिलहाल आरोपी दिल्ली के द्वारिका में रह रहा था। साल 2015 में वह भारत मेडिकल वीजा पर इलाज के लिए आया था। इसके बाद उसने यहां ठगी का काम शुरू कर दिया। जांच में पता चला है कि आरोपी का वीजा और पासपोर्ट दोनों एक्सपायर हो गया है और वह यहां अवैध तरीके से रह रहा था। इसकी जानकारी एंबेसी से भी साझा की जाएगी। इसे लेकर मकान मालिक से भी पूछताछ की जाएगी। दिल्ली पुलिस को इसकी सूचना दी गई है।
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साइबर क्राइम पुलिस अधीक्षक डॉक्टर त्रिवेणी सिंह के अनुसार आरोपी ने लोगों को ठगी के जाल में फंसाने के लिए सोशल मीडिया पर मिस जोना नाम से एक फर्जी आईडी बनाया था। इसकी मदद से वह लोगों से दोस्ती करता था। वह लोगों को खुद को अमेरिका का एक बड़ा बिजनेसमैन बताता था। वह उनके पास अपने बिजनेस से जुड़े कुछ सैंपल भी भेजता था।
आरोपी मुख्य रूप से हर्बल सीड का व्यवसायी होने की बात करता था। फिर साझीदार बनाकर मोटा मुनाफा देने की बात कहकर ठगता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया वह लोगों को अपने बिजनेस से जुड़ी और ट्रांजैक्शन के लिए ई-मेल के जरिये लिंक भेजता था। रुपये का ट्रांजैक्शन हो जाने के बाद ईमेल आईडी को डिलीट कर देता था। इसके साथ ही लोगों से ठगी करके लिए गए रुपये को एक दर्जन के करीब खातों में ट्रांसफर करता था। यह सभी खाते देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों से किराए पर लिया था। जिन्हें कुछ प्रतिशत आरोपी उनको दिया करता था।
साउथ इंडियन नंबर का करता था इस्तेमाल:
नाइजीरियन के पास से 7 मोबाइल, 8 सिम कार्ड, चार पासपोर्ट बरामद हुआ है। सभी सिम कार्ड दक्षिण भारत के हैं। जिनको फर्जी आईडी से जारी कराया गया है। इसके साथ ही पुलिस ने पूछताछ में 10 के करीब बैंक के खातों का पता लगाया है। इनमें से पुलिस ने दो बैंक के खातों की ट्रांजैक्शन की जांच करवा लिया है। जिसमें पिछले 1 साल में करीब तीन करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ है। पुलिस आरोपी के अन्य खातों की ट्रांजैक्शन के बारे में भी जांच कर रही है। जांच में आरोपी के पास से 25 से अधिक लोगों का डेटा भी मिला है।
नाइजीरियन से पूछताछ में आई काफी समस्याएं
गिरफ्तारी के बाद आरोपी काफी समय तक ड्रामेबाजी करता रहा। पुलिस जितनी भी बार कुछ भी आरोपी से पूछती एक ही जवाब दे रहा था। मैं दोषी नहीं हूं मुझे छोड़ दो, इतना बोलने के बाद आरोपी जोर जोर से चिल्लाने लगता। इसके बाद फर्श पर लेट जा रहा था। काफी मशक्कत के बाद आरोपी ने ठगी की बात को कबूल किया है। आरोपी ने अपने कुछ साथियों के ड्रग स्मगलिंग में भी शामिल होने की बात बताया है।
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