नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार नया कानून लाने पर विचार कर रही है। इस कानून में सोशल मीडिया कंपनियों को अपनी वेबसाइट पर डाले गए सभी कटेंट की जिम्मेदारी लेने होगी।
इसके साथ ही उनके प्रति जवाबदेह होना पड़ेगा। वहीं सोशल मीडिया पर लगाम लगाने के लिए सरकार कई दिनों से तैयारी कर रही है। इस कड़ी में सरकार ने सोशल मीडिया के लिए नए साइबर इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी नियम भी लागू किए है।
इस नियम को लेकर कई कंपनियों ने कोर्ट चुनौती दी है। इसके साथ ही दिल्ली हाईकोर्ट में कई याचिकांए पहले से ही लंबित है। वहीं केंद्र सरकार ने भी कोर्ट ने अपना पक्ष रखा है। सरकार ने अपना रखते हुए कहा कि ये नियम प्रेस की स्वतंत्रता का दुरुपयोग रोकने और डिजिटल मीडिया में फर्जी खबरों से नागरिकों की रक्षा करेंगे।
इस पूरे मामले पर एक अधिकारी ने बताया कि दुनिया भर में ऐसे कई कानून हैं जो सोशल मीडिया के काम करने के तरीके को नियंत्रित करते हैं। नए नियम में अभी काफी अनिश्चितता है। उन्होंने कहा कि यह एक अलग अधिनियम हो सकता है या एक संशोधन के तौर पर इसे पेश किया जा सकता है।
अधिकारी ने कहा कि देश में सोशल मीडिया पर लगाम लगाने के लिए सरकार यूरोपीयन मॉडल लाने पर विचार कर रही है। जिसमें दिसंबर 2020 में यूरोपीय आयोग द्वारा पेश डिजिटल सेवा अधिनियम भी शामिल है।
आपको बता दें कि इस नए नियम में सोशल मीडियां कंपनियों को ऐसे यूजर्स से प्रोटेक्ट कर रहे हैं, जो गलत पोस्ट डालते हैं। डिजिटल सर्विस एक्ट सोशल मीडिया यूजर्स के लिए अतिरिक्त अधिकारों की व्याख्या करता है। जैसे उन्हें गैर कानूनी कंटेंट की रिपोर्ट करने की अनुमति मिलेगी।
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