उत्तर प्रदेश के आगरा में फर्जी वेबसाइट बनाकर मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। ताजनगरी में कई बेरोजगार युवाओं को मैनेजर सहित अन्य पदों पर नौकरी दिलाने के नाम पर झांसा दिया गया। इसके बाद खाते में दस से 40 हजार रुपये तक की रकम जमा करा ली गई। अपराधियों ने खुद को एचआर मैनेजर बताया था। इस मामले में थाना सदर में मुकदमा दर्ज कराया गया और गैंग के एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई है। उसने काफी चौंकाने वाले खुलासे किए हैं।
शिकायतकर्ता सदर बाजार निवासी सुधांशु साहनी ने कहा है कि मेट्रो रेल में नौकरी के लिए कथित एचआर मैनेजर एमपी सिंह और रोहित सिंघल लिंकडिन आईडी और ईमेल आईडी से बातचीत हुई। इसके बाद पढ़ाई से संबंधित प्रमाण पत्र मंगवाए गए और दिल्ली व यूपी मेट्रो में नौकरी का आश्वासन दिया। मैनेजर की पोस्ट पर भर्ती के लिए सैलरी की 50 प्रतिशत राशि मांगी गई। इसके लिए व्हाट्सएप पर खाता नंबर उपलब्ध कराया।
मई में 35 हजार रुपये सुधांशु ने जमा कर दिए, लेकिन उनकी जॉब नहीं लगी। उन्होंने मोबाइल नंबर मिलाया, लेकिन वह बंद आया। मेट्रो अधिकारियों से जानकारी करने पर पता चला कि आईडी फर्जी है। इस पर पुलिस से शिकायत की।
थाना सदर के अनुसार मेट्रो रेल में नौकरी के नाम पर ठगी का शिकार हुए सात लोग और सामने आए हैं। आशंका है कि गैंग ने 20 से 25 युवाओं को ठगा है। युवाओं से दस से 40 हजार रुपये तक की ठगी की बात सामने आई है।
मामले में साइबर पुलिस को गुरुवार को बड़ी सफलता हाथ लगी। गैंग से जुड़ा एक शख्स गिरफ्तार हुआ है। गाजियाबाद के मुरादनगर से प्रवीण नाम के शख्स को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में इसने बताया कि दिल्ली मैट्रो, उत्तर प्रदेश मैट्रो, बीएसएनएल, मारुती सुजूकी, एलएंडटी आदि पीएसयू में नौकरी लगवाने के नाम पर देश के कई राज्यों में ठगी हुई है।
पूछताछ में उसने बताया कि वे समाचार पत्रों, सोशल मीडिया, लिंकडइन, इनडीड और ईमेल के माध्यम से ठगी की गई। ये लोग लोगों को काल करके खुद को एचआर बताते थे। यही नहीं ज्वाइनिंग लेटर भी भेजते थे। उसने यह भी बताया कि आज तक किसी की नौकरी नहीं लगी है।
पुलिस ने इसके पास से 23 हजार नगद, तीन मोबाइल फोन, दो फेक पैन कार्ड, दो फर्जी आधार कार्ड, दो मेट्रों फेक आईडी कार्ड. एलएंडटी का फेक आईडी कार्ड, दो फेक जॉब अप्वांइटमेंट लेटर, दो एटीएम कार्ड, एक पैन और एक डीएल बरामद किया है।
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