‘फ्री फायर’ (Free Fire) ऑनलाइन मोबाइल गेम के जाल में फंसे छात्र से 30 हजार रुपये की ठगी कर ली गई। वह आरोपी से रुपये वापस लेने के लिए पंजाब से बिहार के लिए निकल पड़ा। इस बीच पिता ने अपहरण का शोर किया तो गुरुवार को बरेली जंक्शन पर ट्रेन को अतिरिक्त समय रुकवाकर छात्र को उतारा गया। सुबह मुरादाबाद, जीआरपी की एसपी अपर्णा गुप्ता से संदेश जारी किया कि पंजाब के बठिंडा निवासी प्रीतम के बेटे जैसनप्रीत का अपहरण हो गया है।
प्रीतम की सूचना के अनुसार, आरोपी उसे अवध-असम एक्सप्रेस से कहीं ले जा रहे हैं। उसके फोटो भी जारी किए गए। जानकारी पर जंक्शन जीआरपी थाने की फोर्स ने दोपहर करीब डेढ़ बजे ट्रेन पहुंचते ही तलाशी शुरू की। वेंडर रामगोपाल व संतोष ने भी पूछा तो पता चला कि छात्र एस-6 कोच में बैठा है। उसे ट्रेन से नीचे उतार लिया गया। इसके बाद दो मिनट देरी से ट्रेन रवाना हुई।
जीआरपी के अनुसार, हाईस्कूल के छात्र जैसनप्रीत ने बताया कि उसके साथ आनलाइन फ्री फायर गेम खेलने वाले साहिल ने कहा कि उसे ज्यादा चरण पार कर लिए हैं। यदि 30 हजार रुपये दे दो तो अपने गेम की आइडी उसे दे देगा। इसके लिए जैसनप्रीत ने दो बार में 30 हजार रुपये उसे ई वालेट में आनलाइन ट्रांसफर कर दिए। तब से साहिल ने उसे गेम में ब्लाक कर दिया। फोन भी नहीं उठा रहा, इसलिए उसके घर बिहार के वैशाली जिले में हाजीपुर जा रहा था ताकि रुपये वापस ले सके।
पढ़ाई के लिए दिया था फोन
छात्र ने बताया कि पिता ने पढ़ाई के लिए मोबाइल फोन दिया था मगर, दो माह से वह आनलाइन गेम में फंस गया। पिता के बैंक खाते से ही उसने रुपये ट्रांसफर किए थे। चोरी पकड़े जाने के डर से रुपये वापस लेने निकला था। घर से 12 सौ रुपये लिए, इनमें एक हजार रुपये टीटीई ने जुर्माना के तौर पर ले लिए।
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