JEE Mains Exam की हेराफेरी में मिला रूसी कनेक्शन, CBI ने हैकर दबोचा

The 420 Team
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आज से एक साल पूर्व 2021 में हुई आईआईटी जेईई की मुख्य परीक्षा में कथित हेराफेरी मामले में सीबीआई ने रूसी हैकर को दबोचा है। अधिकारियों के अनुसार, आरोपी रूसी शख्स को इंदिरा गांधी अंतराष्ट्रीय हवाईअड्डे से पकड़ा है।

इसकी वजह आरोपी पर संदेह है कि वह इस पूरे मामले में मुख्य हैकर रहा है।

दरअसल, पिछले एक साल से आईआईटी जेईई मैन्स परीक्षा में हेराफेरी मामले में सीबीआई जांच कर रही है। इसी कड़ी में रूसी नागरिक मिखाइल शरगिन का नाम सामने आया। मिखाइल को पकड़ने के लिए सीबीआई  ने लुकआउट सर्कुलर जारी किया था। इसकी वजह रूसी नागरिक पर मुख्य हैकर होने का संदेह होना है।

इसी दौरान सीबीआई को सूचना मिली की रूसी नागरिक मिखाइल शरगिन कजाकिस्तान के अलमाती हवाई अड्डे पर पहुंचा है। यहां के अधिकारियों से सीबीआई ने संपर्क किया। साथ ही खुद भी सतर्क हो गये। जैसे ही मिखाइल इंदिरा गांधी हवाई अड्डे पर पहुंचा सीबीआई ने उसे पूछताछ के लिए दबोच लिया।

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ऑनलाइन परीक्षाओं की धांधली में थे शामिल

बताया जा रहा है कि सीबीआई ने मिखाइल को दबोचते ही उस से आईआईटी जेईई मैन्स परीक्षा से छेड़छाड़ मामले की पूछताछ शुरू की। इसी दौरान जांच में पाया गया कि कुछ विदेशी नागरिक ऑनलाइन होने वाले जेईई समेत दूसरी परीक्षाओं में होने वाली छेड़छाड़ और धांधली में शामिल रहे हैं। इतना ही नहीं उनके साथ कई लोग भी शामिल थे।

सॉफ्टवेयर में मिले थे छेड़छाड़ के संकेत

जांच में सामने आया कि जेईई मैन्स परीक्षा सितंबर 2021 में आईलियॉन सॉफ्टवेयर पर की गई थी। इसी सॉफ्टवेयर के साथ कथित रूप से रूसी नागरिक शरगिन ने छेड़छाड़ की थी। इतना ही नहीं शरगिन ने परीक्षा के बीच ही कुछ संदिग्ध अभ्यार्थियों के लिए कंप्यूटर प्रणालियों को हैक करने में मदद की थी। इस मामले में एजेंसी

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ने जेईई मैन्स परीक्षा में छेड़छाड़ का मामला सामने आते ही एफिनिटी एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के तीन निदेशक सिद्धार्थ कृष्ण, विश्वंभर, और गोविंद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। उनके अलावा कुछ अन्य लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोपी कुछ बाहर के अभ्यर्थियों से पैसा लेकर उन्हें प्रौद्योगिकी संस्थानों

में दाखिला दिलाने के लिए सॉफ्टवेयर से छेड़छाड़ कर उनकी मदद कर रहे थे। बताया जा रहा है कि यह काम हरियाणा के सोनीपत स्थित एक चयनित परीक्षा केंद्र में आवेदकों की मदद से प्रौद्यागिकी की प्रश्नों को हल कराया जा रहा था।

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