नेपाल की काठमांडू पुलिस ने अवैध तरीके से ऑनलाइन लोन स्कीम (Online Loan Scheme) के जरिये भारतीयों को अपना शिकार बनाने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। काठमांडू व भक्तपुर जिलों में सोमवार और मंगलवार को दो अलग-अलग स्थानों पर छापे मारकर पुलिस ने चीन के दो और नेपाल के 115 नागरिकों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह चीनी नागरिक चला रहा था।
काठमांडू पुलिस ने ओल्ड वनेश्वर से सोमवार रात 37 लोगों को हिरासत में लिया, जिसमें चीन का एक नागरिक चांग हू बाओ भी शामिल था। पकड़े गए लोगों में 23 लड़के और 13 लड़कियां शामिल हैं। इन लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस ने भक्तपुर जिले में छापा मारा और वहां से चीनी नागरिक वांग जिनाओ सहित 80 लोगों को गिरफ्तार किया। यहां से 47 लड़कियों और 32 लड़कों को गिरफ्तार किया गया।
पकड़े गए लोगों के कब्जे से 48 लैपटाप और 14 डेस्कटाप पीसी भी जब्त किए गए हैं। आरोपितों ने औद्योगिक घरानों को आइटी सेवाएं प्रदान करने के लिए लेवान ग्रुप के नाम से एक कंपनी पंजीकृत कराई थी। चीनी नागरिकों ने कथित तौर पर काठमांडू और भक्तपुर से डेढ़ महीने पहले कारोबार शुरू किया था।
ये लोग 2.5 से 3.5 प्रतिशत ब्याज दरों पर ऑनलाइन अल्पकालिक कर्ज देते थे। भारतीयों को तीन हजार रुपये से लेकर तीस हजार रुपये तक का कर्ज बिना किसी गारंटी के दिया जाता था। नेपाली लड़कों और लड़कियों को 15 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह के वेतन पर रखा जाता था जबकि गिरोह का सरगना लाखों में कमाना था। नेपाल राष्ट्रीय बैंक के अधिकारियों ने कहा कि केवल पंजीकृत बैंकों और वित्तीय संस्थानों को ही ऋण देने और ब्याज लेने की अनुमति है।
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