नक़ली दवाईया बिक रही बाज़ार में ! विक्रेताओं पर मुक़दमा हुआ दर्ज ! रहे सावधान

The 420 Team
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Noida News : गौतम बुद्ध नगर (Gautam Buddha Nagar) के औषधि निरीक्षक ने एक कंपनी की दवा में क्लैवुलैनीक एसिड (clavulanic acid) की मात्रा बहुत कम मिलने पर सीजेएम कोर्ट (CJM Court) में मुकदमा दायर किया है। कंपनी की एक एंटीबायोटिक टेबलेट (Agitas tablet) मानकों पर खरी साबित नहीं पाई गई है। वहीं, हाल ही में अन्य दो कंपनियों के एंटीबायोटिक इंजेक्शन (Antibiotic injections) भी मानकों पर खरा नहीं उतर पाए थे।

इन कंपनियों पर केस दर्ज
जनपद गौतम बुद्ध नगर के औषधि निरीक्षक (Pharmaceutical Inspector) वैभव बब्बर के मुताबिक कि सेक्टर-35 मोरना स्थित राज मेडिकल स्टोर से  3 मार्च, 2022 को  एंटीबायोटिक टेबलेट जिथरो मायसिन का एक नमूना लिया गया था। मई, 2022 को टेबलेट की जांच रिपोर्ट सामने आ गई थी। ये टेबलेट जांच में मानकों पर खरा नहीं उतरी। एंटीबायोटिक टेबलेट में क्लैवुलैनीक एसिड की मात्रा सिर्फ 01.27 प्रतिशत ही पाई गई थी, जबकि मानकों के अनुसार यह मात्रा 90 से 107 प्रतिशत के बीच होनी आवश्यक है। लैब की रिपोर्ट आने के बाद से ही जांच चल रही थी।

जांच पूरी होने के बाद कंपनी के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में केस दर्ज कराया गया हैं। जिन कंपनियों पर केस दर्ज कराया गया है उनमें मोहाली, पंजाब की दवा निर्माता कंपनी एमकॉन फार्मास्यूटिकल्स शामिल है। इसी के साथ अन्य दो के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश की दो कंपनियों और पदाधिकारियों के खिलाफ पिछले सप्ताह भी केस दर्ज हुआ था। इन दोनों कंपनियों के एंटीबायोटिक इंजेक्शन भी मानकों पर सही साबित नहीं हुए थे। विभाग ने लगातार एंटीबायोटिक दवाओं के नमूने असफल होने पर चिंता जताई है।

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