लखनऊ पुलिस के साइबर अपराध साखा ने बैंक अधिकारी बनकर लोगों को ठगने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने सोमवार को पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए लखनऊ के पुलिस आयुक्त डीके ठाकुर ने कहा कि हमारी साइबर अपराध टीम ने एक विजय मंडल (29) मनोज मंडल(27) राजेश कुमार मंडल (20) जितेंद्र कुमार मंडल (31) और करण कुमार मंडल (19) को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के बाद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वे हजरतगंज पुलिस स्टेशन (लखनऊ) में दर्ज साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित थे।
इनके खिलाफ मामला पिछले साल दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को सूचित किया था कि ऑनलाइन लेनदेन में धोखाधड़ी से उसके खाते से ₹53 लाख लाख रुपये निकाल लिए गए। मामले को जांच के लिए साइबर सेल को सौंप दिया गया था।
पुलिस ने कहा कि आरोपी झारखंड के दुमका जिले के निवासी हैं। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध की एक टीम उनसे उनकी गतिविधियों के बारे में पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि आरोपियों ने पिछले छह वर्षों में विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों का अधिकारी बनकर लोगों को 20 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है
पुलिस ने कहा कि टीम ने आरोपियों से 1.2 लाख रुपये नकद बरामद किए और उन खातों का पता लगाने कोशिश हो रही है, जिनमें पीड़ितों से लिए गए पैसे रखे गए।
लखनऊ पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने लोगों के बैंक खातों तक पहुंचने के लिए विभिन्न बैंकों के उपलब्ध मोबाइल एप्लिकेशन में खामियों का फायदा उठाते थे। आरोपी बैंक ग्राहकों के बारे में जानकारी खरीदते थे और मोबाइल एप्लिकेशन वैरिफिकेश के लिए उन्हें कॉल करते थे और लोगों के खाते से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस ने बताया कि उन्होंने देशभर में लोगों को निशाना बनाया और पहचान बचाने के लिए अपना फोन और सिम कार्ड बदलते रहे।
पुलिस ने कहा कि आरोपियों पर धोखाधड़ी और आईटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया और उन्हें जेल भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।
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