बिहार में साइबर क्रिमिनल्स ने मुख्य सचिव को बनाया अपना शिकार, बिना ओटीपी ही खाते से निकाल लिये 40 हजार रुपये, जानें कैसे

बिहार में साइबर क्रिमिनल्स ने मुख्य सचिव को बनाया अपना शिकार, बिना ओटीपी ही खाते से निकाल लिये 40 हजार रुपये, जानें कैसे

Shagun Dhanuka
3 Min Read

साइबर अपराध की बात हो तो बिहार का नाम आना लाजमी है। इसकी वजह यहां साइबर ठगों (Cyber Criminals) का बड़ा रैकेट होना है। जो एक जगह बैठकर देश भर के लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। अब यह अपराधी बिहार के आम जन ही नहीं अधिकारियों को भी अपना निशाना बना रहे हैं। हाल ही में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।

जहां साइबर ठगों ने आईएएस अधिकारी (IAS Officer) और बिहार में मुख्य सचिव को ही अपना शिकार बना लिया। ठगों ने बिना किसी कॉल और ओटीपी पूछे उनके खाते से 40 हजार रुपये साफ कर दिया। अधिकारी को इसका पता बैंक की ओर मोबाइल पर आए मैसेज से लगा। उन्होंने मामले की शिकायत EOU को दी है। टीम मामले का पता लगाने में जुटी है।

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जानकारी के अनुसार, साइबर अपराध की यह वारदात आईएएस ऑफिसर और बिहार के मुख्य सचिव आमिर सुबहानी के साथ हुई है। उन्होंने बैंक से मोबाइल पर आए 40 हजार रुपये ट्रांसफर किये जाने वाले मैसेज को देखते ही मामले की शिकायत साइबर सेल और आर्थिक अपराध इकाई को दी। उन्होंने मामले की मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं हैरानी की बात यह है कि मुख्य सचिव के पास न तो कोई कॉल और न ही बैंक की तरफ ओटीपी मिला। इसके बाद बावजूद उनके अकाउंट से 40 हजार रुपये की ट्रांजेक्शन हो गई। यह जानकार साइबर सेल टीम भी हैरान है।

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ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों में ट्रांसफर किये गये आईएएस के पैसे

ईओयू टी की जांच में सामने आया कि साइबर अपराधियों ने मुख्य सचिव के अकाउंट में सेंधमारी कर दो बड़ी वेबसाइट अमेजन और मोबी क्वीक से शॉपिंग की है। इसका पता लगते ही टीम ने दोनों कंपनी अधिकारियों से संपर्क साधा। इसमें पता चला कि अपराधियों ने मोबी क्वीक से खरीदारी की है। जिसको टीम ने बात कर सामान डिलीवरी होने से पहले तत्तकाल रोक लगवा दी है। इसे अधिकारी के 40 हजार रुपये बच गये।

हालांकि साइबर सेल और EOU टीम की अमेजन अधिकारियों से बात नहीं हो सकी। ऐसे में अपराधियों द्वारा इस पर दिया गया ऑर्डर नहीं रुक सका है। हालांकि पुलिस अभी इस मामले में जांच कर रही है कि आखिर कैसे साइबर अपराधियों ने बिना किसी ओटीपी के अधिकारी के अकाउंट में सेंधमारी कर 40 हजार रुपये पर हाथ साफ कर दिया। टीम लगातार आरोपियों का पता लगाने में जुटी है।

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