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साइबर ठगी का बड़ा अड्डा बना मेवात, 4 महीने में 74 गैंग ने 3 अरब 36 करोड़ रुपये ठगे

Sofiya Khan
3 Min Read

राजस्थान के डीग जिले का मेवात इलाका साइबर ठगी का बड़ा अड्डा बन गया है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 4 महीने में 74 गैंग ने 3 अरब 36 करोड़ रुपये ठग लिए हैं। नगर थाने में दर्ज मामले के आरोपी आरिफ खान 13 करोड़ 50 लाख रुपये, कामा थाने में दर्ज मामले के आरोपी जावेद ने 11 करोड़ 69 लाख रुपये, कैथवाड़ा थाने में दर्ज मामले के आरोपी तालीम ने 7 करोड़ 85 लाख रुपये और सीकरी थाने में दर्ज मामले के आरोपी तैफूल ने 7 करोड़ 3 लाख रुपये की ठगी की है। इन्हें मिलाकर करीब 74 गैंग ने मार्च से जून में 3 अरब 36 करोड़ रुपये की ठग लिए हैं।

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यहां हो रहे सबसे ज्यादा साइबर ठगी के मामले दर्ज

डीग जिले के जिन थानों में सबसे ज्यादा साइबर ठगी के मामले दर्ज हो रहे हैं उनमें डीग कोतवाली, कामां, नगर, पहाड़ी, खोह, सीकरी, कैथवाड़ा, जालूकी, जुरहरा और गोपालगढ़ शामिल हैं। ठगी के 90% मामले अश्लील वीडियो के साथ लोगों की तस्वीर को मॉर्फ करने की है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर कार, स्पीड बाइक, महंगे फोन सस्ते दाम में बेचने का लालच देकर भी ठगी हुई है। वहीं वॉट्सऐप मैसेज पर लॉटरी का लालच देकर और ऑनलाइन सामान बुक करने के नाम पर भी ठगी हुई है।

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‘ऑपरेशन एंटी वायरस’

भरतपुर रेंज आईजी की अगुआई में ‘ऑपरेशन एंटी वायरस’ चल रहा है। 1 मार्च 2024 से अभियान शुरू हुआ है। इस अभियान के तहत अब तक 200 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। 700 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का दावा है कि इस कार्रवाई के चलते अगस्त तक साइबर अपराध के मामलों में 69% की कमी आई है।

कैसे हुआ खुलासा

आईजी राहुल प्रकाश के अनुसार पहले ठगी के साइबर ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल आईएमईआई और सिम कार्ड की जांच होती थी। जब इनके द्वारा ठगी के दौरान प्रयोग किए गए मोबाइल आईएमईआई और सिम कार्ड को अन्य मोबाइल आईएमईआई और सिम कार्ड से लिंक किया गया तो ठगी गई राशि का खुलासा हुआ।

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