कोलकाता में एक बार फिर अनोखे तरीके से बैंक धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अंजान नंबर से फोन रिसीव करने के बाद यहां के एक व्यवसायी के बैंक खाते से जालसाजों ने 84 लाख रुपये उड़ा लिए। दिलचस्प बात यह है कि व्यवसायी ने उन लोगों से बैंक संबंधी कोई भी जानकारी साझा नहीं की थी। व्यवसायी की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस के मुताबिक कोलकाता से सटे साल्टलेक में व्यवसायी शिवम अरोड़ा को जालसाजों ने मैसेज के जरिये ई-सिम इस्तेमाल करने का आफर दिया था।
शिवम ने दावा किया कि 31 जुलाई से दो अगस्त के बीच उनके मोबाइल फोन पर करीब 500 मैसेज आए। उन्हें हर मैसेज में ई-सिम कार्ड इस्तेमाल करने की पेशकश की गई थी। एक ही अनुरोध के साथ उनके पास फोन आते रहे। फिर एक काल रिसीव करने के बाद अचानक उनके मोबाइल फोन के सिग्नल दिखना बंद हो गया। गत मंगलवार को व्यवसायी बैंक गए तो पता चला कि उनके खाते से करीब 84 लाख रुपये गायब हो गए हैं। उन्होंने उसी दिन ही इसकी शिकायत कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में दर्ज कराई।
प्रारंभिक जांच के बाद, पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने पीड़ित के सिम कार्ड का क्लोन किया होगा, ताकि उसके बैंक डीटेल प्राप्त किए जा सकें। पुलिस के अनुसार कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने आपराधिक साजिश रची और शिकायतकर्ता का सिम कार्ड डीएक्टीवेट कराकर और एक नया सिम कार्ड जारी कराया और उसके बैंक खाते स 84 लाख रुपये निकाल लिए। इस मामले को डिटेक्टिव डिपार्टमेंट के एंटी बैंक फ्रॉड सेक्शन ने अपने हाथ में ले लिया है। धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस इस बात का पता लगा रही है कि क्या पीड़ित ने फोन को अपग्रेड करने के नाम पर 20 अंकों का कोई नंबर क्लिक किया था। इसी तरह क्लोनिंग प्रक्रिया की शुरुआत होती है। बता दें कि फ्रॉड करने वाला व्यक्ति आपके सिम का डुप्लीकेट तैयार कर लेता है। जालसाज आपके फोन नंबर से एक नए सिम का रजिस्ट्रेशन करवा लेते हैं। इसके बाद आपका सिम बंद हो जाता है। फिर आपके नंबर पर रजिस्टर्ड हुए दूसरे नंबर पर जो ओटीपी आता है उससे कोई भी आपके अकाउंट के पैसे खाली कर सकता है।
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