YouTube पर प्रचार कर Online Alcohol Delivery के नाम पर Cyber Fraud करता था राजस्थान का ये गिरोह, जानिए कैसे हुआ पर्दाफाश

The 420 Team
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दिल्ली पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठग गैंग को गिरफ्तार किया है जो ऑनलाइन शराब की डिलीवरी के नाम पर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका है।

आरोपी राजस्थान में बैठकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब पर ऑनलाइन शराब डिलीवरी का एड देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे।

एड देखते ही लोगों के कॉल करने पर आरोपी पेमेंट के बहाने शातिर तरीके से खाते से रुपये निकाल लेते थे। इतना ही नहीं इस गैंग ने दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड एसीपी को भी अपना शिकार बना लिया।

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कुछ ही दिन में 200 लोगों से की ठगी

दरअसल, दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड एसीपी ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत अपने साथ फ्रॉड होने की शिकायत दी। उन्होंने पुलिस को बताया कि सोशल मीडिया यूट्यूब (YouTube) पर उन्होंने ऑनलाइन शराब डिलीवरी का एड देखा था। इसमें नंबर दिया गया था।

जैसे ही उन्होंने उस नंबर पर संपर्क किया। ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसाकर करीब 78374 रुपये खाते में से साफ कर दिये। उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दी। जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने आरोपी को ट्रेस कर राजस्थान के भरतपुर से गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी साइबर ठग की पहचान 23 वर्षीय अजहरुद्दीन खान के रूप में हुई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 3 मोबाइल फोन भी बरामद किये हैं।

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कॉल आते ही अकाउंट को ऐसे साफ कर देता था आरोपी

पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी ठग यूट्यूब पर ऑनलाइन शराब डिलीवरी का एड देता था। इस एड को देखकर लोग शराब की डिलीवरी के लिए फोन करते थे। इस पर आरोपी उन्हें क्यूआर कोड, बार कोड और खाता नंबर भेजता था।

इसके बाद आरोपी पीड़ित से ओटीपी मांगता था। ओटीपी मांगने के चंद मिनटों बाद ही उनके खाते में जमा राशि साफ हो जाती थी। रिटायर्ड एसीपी के साथ भी ठग ने कुछ ऐसा ही किया। जैसे ही उन्होंने अकाउंट से 78374 रुपये निकलने का मैसेज देखा। एसीपी ने नंबर पर कॉल किया। इस पर नंबर बंद मिला। उन्होंने तुरंत मामले की शिकायत एनसीआरपी और दिल्ली साइबर सेल को दी।

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रिटायर्ड एसीपी के साथ ठगी होने पर अलर्ट हुई पुलिस

रिटायर्ड एसीपी द्वारा साइबर सेल से लेकर थाने में शिकायत दर्ज कराने पर दिल्ली पुलिस अलर्ट हो गई। पुलिस ने नंबर से लेकर आरोपी की लोकेश को ट्रेस करना शुरू किया। इस पर पता चला कि आरोपी राजस्थान के भरतपुर जिले की कामा तहसील स्थित एक गांव में रहता था। 

पुलिस ने आरोपी को दबोच लिया। पुलिस गिरफ्त में आया आरोपी जयपुर के एक नामी कॉलेज से फार्मेसी का डिप्लोमा ले चुका है। वह गुड़गांव की एक बड़ी शराब की दुकान पर काम करता था। यहीं से वह यूट्यूब पर विज्ञापन पोस्ट कर लोगों को शिकार बनाता था। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह पिछले एक साल से इस धंधे में लिप्त था। इतना ही नहीं आरोपी इस बीच 200 से भी ज्यादा लोगों को अपना शिकार बना चुका था।

ऐसे में अगर आप साइबर अपराध के शिकार हुए हैं, तो अब आप इसकी रिपोर्ट करने के लिए 1930 पर कॉल कर सकते हैं। यह नया हेल्पलाइन नंबर, 155360 की तरह हैकर्स द्वारा निशाना बनाए जा रहे किसी भी व्यक्ति की मदद के लिए एक आपातकालीन नंबर के रूप में कार्य करेगा।

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