I4C's Battle Against Cyber Frauds: Rs 1,127 Crore Blocked, Rs 10,300 Crore Lost

साइबर अपराध के खिलाफ एक साथ आईं सरकारी एजेंसियां, एक बड़े नेटवर्क का किया खुलासा

Titiksha Srivastav
By Titiksha Srivastav - Assistant Editor
4 Min Read

देश में साइबर अपराध लगातार बढ़ता ही जा रहा है। ऐसे में लोगों की इससे बचाने के लिए दूरसंचार विभाग (DOT), गृह मंत्रालय (MHA) और राज्य पुलिस बल साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर चल रही देशव्यापी कार्रवाई में शामिल हो गए हैं। इन सभी का केवल एक ही उद्देश्य है और वो है धोखेबाजों के नेटवर्क को पूरी तरह से नष्ट करना और उनके संचालन को बाधित करना है। साथ ही अपने नागरिकों को डिजिटल खतरों से बचाना है।

एक बड़े नेटवर्क का खुलासा
गृह मंत्रालय और राज्य पुलिस को एक गिरोह के बारे में का पता चला था। जब पुलिस ने इसकी जांच की तो इस गिरोह के पास से 28,200 मोबाइल हैंडसेटों मिले। जिनका इस्तेमाल साइबर अपराध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। पुलिस की जांच यहीं नहीं रुकी। इस मामले की तह तक जानने के लिए पुलिस ने इन मोबाइलों से जुड़े कॉल रिकॉर्ड और कनेक्शन का विश्लेषण किया। इस विश्लेषण से एक चौंकाने वाली बात सामने आई, जिसमें आपराधिक गतिविधि से जुड़े 20 लाख (2 मिलियन) मोबाइल नंबरों के एक विशाल नेटवर्क का खुलासा हुआ।

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बुनियादी ढांचे को नष्ट करना
DoT ने बिना समय बर्बाद किए आपराधिक बुनियादी ढांचे पर दोतरफा हमला जारी किया। सबसे पहले, सभी बरामद किए गए मोबाइल हैंडसेटों को ब्लॉक करने के लिए राष्ट्रव्यापी निर्देश जारी किया गया। ताकि साइबर अपराधियों द्वारा उपयोग किए जाने वाले संचार चैनलों को प्रभावी ढंग से काटा जा सके, जिससे वे अपने काम में कामयाब नहीं हो पाए।

नेटवर्क को बाधित करना
DoT के निर्देश का दूसरा भाग नेटवर्क को निशाना बनाना है। निर्देश अनुसार हैंडसेट से जुड़े सभी 20 लाख मोबाइल नंबरों को कठोर सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस सत्यापन में विफल रहने वाले नंबरों को डिस्कनेक्ट कर दिया जाएगा, जिससे आपराधिक संचालन में और बाधा आएगी और उनके लिए कार्य करना अधिक कठिन हो जाएगा।

एक साथ आई सरकारी एजेंसियां
सरकारी एजेंसियों का सुरक्षा के लिए एक साथ आना का उद्देश्य सिर्फ दोनों उपकरणों और संबंधित नेटवर्क को खत्म करना है। यह सहयोग न केवल भारत के दूरसंचार बुनियादी ढांचे की अखंडता की रक्षा करेगा, बल्कि सभी नागरिकों के लिए एक अधिक सुरक्षित डिजिटल वातावरण भी तैयार करेगा। यह कार्रवाई भारत में सभी के लिए सुरक्षित डिजिटल स्थान की दिशा में एक सकारात्मक कदम है। लाखों संभावित रूप से समझौता किए गए फोन नंबरों को लक्षित करके, नागरिक ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करने और वित्तीय लेनदेन करने में अधिक आश्वस्त हो सकते हैं। हालांकि, सतर्क रहना महत्वपूर्ण है। अनचाही कॉल और संदेशों से हमेशा सावधान रहें और संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें। यदि आपको किसी धोखाधड़ीपूर्ण गतिविधि पर शक है, तो तुरंत अधिकारियों को इसकी सूचना दें।

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