President और Supreme Court Judge की WhatsApp DP लगा IAS से कर रहे थे फ्रॉड, जब STF को मिली जानकारी तो नोएडा से पकड़े गए दोनों जालसाज

President और Supreme Court Judge की WhatsApp DP लगा IAS से कर रहे थे फ्रॉड, जब STF को मिली जानकारी तो नोएडा से पकड़े गए दोनों जालसाज

Anisha Kumari
4 Min Read

Noida में रहने वाले दो जालसाज WhatsApp DP पर भारत के President और Supreme Court Judge की फोटो लगाकर उत्तराखंड के 1 आईएएस को फोन किया और देहरादून में एक Plot को खाली करवाने के लिए कहा। बाद में सुप्रीम कोर्ट का जज बता कर एक Cyber Criminal देहरादून Secretariat में जाकर आईएएस से मुलाकात भी की तो इस पर आईएएस अधिकारी को शक हो गया और इसकी सूचना STF को दे दी।

उत्तराखंड के STF ने इस मामले की जब जांच की तो पता चला कि नोएडा में बैठे साइबर जालसाज ने इस Fraud की साजिश रची थी। इसके बाद उत्तराखंड एसटीएफ ने नोएडा कमिश्नरेट पुलिस की मदद से दोनों साइड भर जालसाज को नोएडा के सेक्टर 50 स्थित एक Society से गिरफ्तार कर लिया।

जानिए President और Judge की DP लगाने वाले Cyber Criminal की कहानी

देहरादून Secretariat में तैनात आईएएस अधिकारी ने एसटीएफ को यह सूचना दी थी कि Cyber जालसाज गिरोह के कुछ साइबर क्रिमिनल भारत के राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के एक जज की WhatsApp DP लगा कर केंद्र व राज्य सरकार के मंत्रालयों में तैनात अधिकारियों को प्रभाव में लेने का प्रयास कर रहे हैं और गलत काम कराने का दबाव डाला जा रहा है। इसके लिए साइबर क्रिमिनल ने WhatsApp Call भी किया था।

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इसके बाद जब उत्तराखंड की STF ने जांच की और जिस मोबाइल नंबर से फोन किया जा रहा था उसकी Details निकाली को पता चला कि यह नंबर Noida से चल रहा है। उत्तराखंड पुलिस और उत्तराखंड एसटीएफ की टीम नोएडा पहुंची और Noida Commissionerate Police की मदद से सेक्टर 50 महागुन मेपल सोसाइटी में दबिश दी जहां से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया जिसकी पहचान मनोज कुमार और राजीव अरोड़ा के रूप में हुई।

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850 करोड़ की Tax चोरी में भी गया था जेल

पुलिस पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार आरोपी मनोज वर्ष 2015 में पुरवाई पान मसाला प्राइवेट लिमिटेड और पूर्वी प्रोडक्शन के नाम से कंपनियां खोली थी और व्यवसाय शुरू किया था। 2017 में Income Tax ने Central Excise Tax न देने पर करीब 265 करोड़ रुपए टैक्स चोरी और पेनाल्टी सहित कुल 850 करोड़ों रुपए का टैक्स लगाया था। Tax नहीं भरने के बाद में मनोज को जेल जाना पड़ा था। वह वर्ष 2020 तक मेरठ जेल में बंद रहा था और बाहर आने के बाद उसकी आर्थिक हालत खराब हो गई तो उसने अपने दोस्त राजीव अरोड़ा के साथ मंत्रियों और जजों के नाम पर लोगों को ठगने का काम शुरू कर दिया।

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