गुरुग्राम पुलिस की साइबर क्राइम ब्रांच ने एक फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। कथित कॉल सेंटर सामाजिक सुरक्षा नंबर (एसएसएन) के नाम पर पॉप-अप के माध्यम से अमेरिकी नागरिकों के साथ धोखाधड़ी कर रहा था। जालसाज कथित तौर पर अमेरिकी नागरिकों को एसएसएन को अवरुद्ध करने की धमकी दे रहे थे और डॉलरों में ठगी की जा रही थी।
पुलिस ने रविवार को कहा कि कॉल सेंटर से दो लैपटॉप, तीन मोबाइल और तीन आई-वॉच बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान अहमदाबाद के रहने वाले जिनाल अलकेश आचार्य और मुंबई के मूल निवासी वैभव सुसानिया के रूप में हुई है। उन्होंने खुलासा किया कि उन्होंने कई विदेशियों को धोखा दिया है और पिछले छह महीनों से कॉल सेंटर चालू था।
उन्होंने खुलासा किया कि कॉल सेंटर का मालिक साथी पार्थ केसु है, जो दमन और दीव का मूल निवासी है। पुलिस को एक गुप्त सूचना मिली कि एक फर्जी कॉल सेंटर है। उद्योग विहार फेज-3 में इसका संचालन हो रहा है। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन की टीम ने कॉल सेंटर पर छापेमारी की, जहां 16 पुरुष और चार महिला कर्मचारी कंप्यूटर पर अपने क्लाइंट्स से अंग्रेजी भाषा में बात कर रहे थे।
विभिन्न वेबसाइटों से अमेरिकी लोगों का डेटा खरीदते थे
पुलिस ने कहा कि कॉल सेंटर दूरसंचार विभाग के किसी वैध ओएसपी लाइसेंस या उनके काम से संबंधित किसी अन्य समझौते के बिना चल रहा था। प्रारंभिक जांच के दौरान यह पता चला कि आरोपी विभिन्न वेबसाइटों से अमेरिकी लोगों का डेटा खरीदते थे। उसके बाद वे अपने सर्वर पर डेटा अपलोड करके अमेरिकी लोगों को बल्क में मैसेज भेजते थे।
साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज
इंस्पेक्टर चंदर वल्लभ के अनुसार आरोपी ने अमेरिकी लोगों को फोन करते थे और 100 डॉलर से 800 डॉलर की मांग करते थे। उन्हें धमकी देते थे कि अगर वे भुगतान नहीं करते हैं तो वे एसएसएन को ब्लॉक कर देंगे। साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
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