नई दिल्ली। जामताड़ा पुलिस के हाथ ऐसे साइबर अपराधी लगे हैं, जो कोरोना लॉकडाउन से पहले देश-विदेश में अच्छी खासी कमाई करते थे। इनमें से एक कनेक्शन दक्षिण अफ्रीका से है। मुंबई, केरल और दक्षिण अफ्रीका अफ्रीका में कार्यरत जामताड़ा के लोगों की लॉकडाउन के कारण नौकरी गई तो वे वापस अपने गांव आ गए। यहां आने के बाद इन्होंने इंटरनेट पर ठगी का प्रशिक्षण लिया और लोगों को ठगने लगे। पुलिस ने ऐसे सात लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार इन लोगों ने करमाटांड़ में साइबर ठगी का प्रशिक्षण लिया और लोगों को चूना लगाने लगे। यह गिरो करमाटांड़ थाने के रिंगो चिंगो गांव का है। इस गैंग कई लोगों को चूना लगाया है। लॉकडाउन में ये लोग अपने गांव वापस आए। लॉक के बाद भी ये लोग शहर अपने काम पर नहीं लौटे। लौटते भी कैसे उन्हें लोगों को चूना लगाकर आसानी से पैसा कमाने का साधन मिल गया था।
दक्षिण अफ्रीका से लौटा 49 साल का सलीम अंसारी
पुलिस को जब इसकी जानकारी मिली तो उसके होश उड़ गए। दबिश देने पर सातों अपराधी पकड़े गए। इन्होंने अपना जुर्म भी कबूल लिया है। पकड़े गए आरोपियों में दक्षिण अफ्रीका से लौटा 49 साल का सलीम अंसारी भी है। वह वहां पत्थर उद्योग में मजदूरी करता था। बैंक खाताधारकों को झांसा देकर ऑनलाइन ठगी कर रहा था। इसके अलावा 23 साल उसका बेटा दिलशाद अंसारी व 19 साल के सज्जाद अंसारी भी पकड़े गए हैं। सलीम के भाई याकूब के दो बेटे 30 साल के अब्दुल व 25 साल के शराफत भी गिरफ्तार हुए हैं। इनके अलावा गांव के ही 29 साल के गुलाम कादिर व 24 साल के मजीद अंसारी को पकड़ा गया। सलीम व अब्दुल ने मुंबई व केरल में भी काम किया है। इनके पास से 12 मोबाइल व 21 सिम बरामद हुए हैं।
आसपास के अपराधियों से ऑनलाइन ठगी की जानकारी ली
पुलिस के अनुसार इन्होंने बताया कि गांव के आसपास के अपराधियों से ऑनलाइन ठगी की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने बाताया कि ठगी से आसानी से पैसे मिलने लगे। इसलिए वे शामिल हो गए। सलीम ने बताया कि वह अब तक एक बार में 25,000 रुपये तक खाते से उड़ा चुका है। एक ने 3500 और एक अन्य ने 12,000 तो किसी ने अधिकतम एक बार में 15,000 रुपये उड़ाने की बात कबूली।
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