DCP Crime बनाकर साइबर क्रिमिनल ने अफसर की पत्नी को डराया और Digital Arrest कर 1 करोड़ 48 लाख उड़ाए

Titiksha Srivastav
By Titiksha Srivastav - Assistant Editor
4 Min Read

साइबर क्रिमिनल ने DCP Crime बनकर केंद्र सरकार के रिटायर्ड अधिकारी की पत्नी को फोन किया और डरा धमकाकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट (Digital Arrest) कर लिया। इसके बाद उनसे एक करोड़ 48 लख रुपए की वसूली कर ली। प्रयागराज में हुई इस घटना के बाद महिला की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और 40 लाख रुपए होल्ड करा दिए हैं। साइबर सेल मामले की जांच कर रही है।

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ताइवान भेजे जा रहे ड्रग्स पार्सल के नाम पर की वसूली
प्रयागराज में रहने वाली एक महिला के पास कुछ दिन पहले एक अज्ञात नंबर से Cyber Criminals ने फोन किया और खुद को डीसीपी क्राइम बताया। महिला के पति केंद्र सरकार के रिटायर्ड अधिकारी हैं और महिला प्रयागराज में अकेली रहती हैं। फोन करने वाले ने कहा कि आपका नाम से FedEx इंटरनेशनल कूरियर कंपनी की तरफ से एक पार्सल ताइवान भेजा गया है। इसमें Drugs लैपटॉप क्रेडिट कार्ड व अन्य सामान है। महिला ने जब इस तरह के पार्सल भेजने से मना किया तो कॉल करने वाले साइबर क्रिमिनल ने कहा कि इसकी शिकायत Mumbai Police के पास आई है और मैं मुंबई पुलिस का DCP Crime बोल रहा हूं। इसके बाद कॉलर ने वीडियो कॉल कर दिया और Video Call पर दिखाई देने वाला शख्स पुलिस ड्रेस में था। इसके बाद महिला को वीडियो कॉल पर ही डिजिटल अरेस्ट(Digital Arrest) कर लिया और अलग-अलग तरीके से डरा धमकाकर रकम भेजने के लिए बाध्य कर दिया। आप है कि महिला को तीन दिन तक घर पर नजर बंद रखा गया और डरा धमकाकर एक करोड़ 48 लख रुपए अलग-अलग खाते में ट्रांसफर करा दिए। इसके बाद जब महिला को शक हुआ तब उन्होंने इस मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने जांच की तब पता चला कि महिला के खाते से सारी रकम एसबीआई (SBI) और यस बैंक (Yes Bank) के खातों में ट्रांसफर कराए गए हैं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 40 लाख रुपये एक खाते में होल्ड करा दिए हैं।

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क्या है डिजिटल अरेस्ट(Digital Arrest)
डिजिटल अरेस्ट में मोबाइल लैपटॉप से स्काइप पर वीडियो कॉलिंग या अन्य एप के जरिए किसी पर नजर रखी जाती है। उसे डरा धमका कर वीडियो कॉलिंग (Video Calling) से दूर नहीं होने दिया जाता है। यानी वीडियो कॉल के जरिए एक तरह से आरोपी को उसके घर में कैद कर दिया जाता है। इस दौरान न तो वह किसी से बात कर सकता है और न कहीं जा सकता है। उसे इतना डरा दिया जाता है कि उससे लाखों रुपये का ट्रांजैक्शन (Transaction ) के लिए मजबूर होना पड़ता है।

ऐसे बरतें सावधानी

  • किसी भी अज्ञात नंबर से आने वाले वीडियो कॉल पर बात ना करें।
  • करियर में ड्रग्स एस होने या एन या आपत्तिजनक सामग्री होने के नाम पर फोन आए तो अलर्ट हो जाएं। इस तरह का फोन करने वाला साइबर जालसाज हो सकता है।
  • अगर कोई फोन या वीडियो कॉल कर डरता धमकता हो और लगातार फोन पर या कॉल पर बने रहने की बात करता हो तो समझ जाइए की सामने वाला साइबर क्रिमिनल हो सकता है। ऐसे में तुरंत इसकी जानकारी अपने परिवार के लोगों या मित्रों को दें।
  • किसी तरह के साइबर क्राइम की घटना होने के बाद आपको 1930 पर कॉल करें।

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