देश में लोन देने से लेकर गेमिंग और निवेश के नाम पर आए दिन हो रही साइबर ठगी में क्राइम ब्रांच ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। क्राइम ब्रांच के अनुसार, चीनी ठग अपने देश में बैठे हुए अपने भारतीय गिरोह के साथ मिलकर लोगों को टेलीग्राम के जरिए अपना शिकार बना रहे हैं।
इतना ही नहीं आरोपी टेलीग्राम ग्रुप पर ही आपस में बातचीत करते हैं। इसके लिए ठग फर्जी और अलग-अलग देशों के आईपी एड्रेस का इस्तेमाल करते हैं। जिस को ट्रैक करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है।
जानकारी के अनुसार सिविल लाइन निवासी फैज रहमान ने बताया कि ऑनलाइन वेबसाइट के जरिये उसने 11 रुपए का निवेश किया था, लेकिन कुछ ही दिन बाद वेबसाइट क्रैश हो गई। जिसके बाद उसे अपने साथ ठगी होने का अहसास हुआ। इस पर पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को दी।
क्राइम ब्रांच ने मामले की जांच शनिवार को इस गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वे लोग चीनी गिरोह के सदस्य है। यह ग्रुप लोन देने से लेकर निवेश और गेमिंग के नाम पर भारतीय नागरिकों के साथ ठगी करता है। गिरोह के सदस्य चीन में बैठकर ठगी के धंधे को अंजाम देते हैं आरोपी बातचीत के लिए टेलीग्राम ग्रुप का इस्तेमाल करते थे।
क्राइम ब्रांच को 4 चीनी ठगों की मिली जानकारी और भी हैं शामिल
क्राइम ब्रांच के अनुसार अभी तक उन्हें बी बोज समेत 4 अन्य चीनी ठगों के नाम और एड्रेस मिले हैं। ये आरोपी चीन में बैठे हुए भारत में ठगी गिरोह चला रहे हैं। इतना ही आरोपियों का यह रैकेट पूरे देश में सक्रिय हैं। क्राइम ब्रांच की माने तो चीनी मास्टरमाइंड की भूमिका निभाते हुए, अपने देश में बैठकर भारतीयों को निशाना बनाते हुए यहां अपना ठगी का रैकेट बढ़ा रहे हैं।
क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज के जरिए भेज दिया जाता है ठगी का पैसा
क्राइम ब्रांच ने गिरफ्त में आए सभी आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करा दिया है, लेकिन उनके खातों में बहुत ही कम अमाउंट मिला है। इसकी वजह भारत में बैठे आरोपी ठगों द्वारा ठगी कर आने वाले पैसों को क्रिप्टो करेंसी एक्सचेंज के जरिए उसी तेजी से चाइना भेज देना है।
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