उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में साइबर पुलिस ने ग्राहक सेवा केंद्र रजिस्ट्रेशन की फर्जी वेबसाइट बनवाकर लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गैंग का भांड़ाफोड़ किया है। बिहार के नालंदा से गैंग का एक सदस्य गिरफ्तार हुआ है। पवई थाना क्षेत्र के निवासी संदीप कुमार ने साइबर क्राइम थाने में शिकायच की थी कि साइबर ठगों ने फर्जी वेबसाइटों के माध्यम से ग्राहक सेवा केंद्र खोलने के लिए एसबीआई खाते में 2,21,600 रुपये जमा कराए। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की जांच बिहार का लिंक सामने आया और नालंदा जिले के अस्थांवा थाना के अंतर्गत आने वाले अंदी गांव के रमेश कुमार पुत्र गनौरी राम को 17 जून को रात 11 बजे गिरफ्तार किया गया। अन्य आरोपी रात का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। अन्य आरोपियों में अंदी गांव के सीषु रंजन कुमार पुत्र गनौरी राम,नालंदा जिले के बिंद थाना के अंतर्गत आने वाले नौरंगा गांव के सोनू कुमार पुत्र बन्धन राम और सराय जिला के षेखूपुर थाना के मोहब्बतपुर गांव के निवासी जितेन्द्र कुमार पुत्र महेन्द्र राम शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी का प्रयास जारी है।
पुलिस के अनुसार रमेष कुमार ने पूछताछ के दौरान बताया कि वो और उसके गैंग के साथी कोलकाता के डीलरों से फर्जी वेबसाइट 30,000 रुपये महीने किराये पर लेते हैं। वे इसपर अपना नंबर कस्टमर केयर के लिए फीड कराते हैं। जब लोग वेबसाइट पर जाकर ग्राहक सेवा केंद्र के लिए रजिस्ट्रेशन और काल करते हैं तो रजिस्ट्रेशन फीस एंव सीएसपी की लिमिट बढाने के नाम पर लोगों से अपने विभिन्न बैंक खातों में पैसा जमा कराकर साइबर ठगी को अंजाम देते हैं।
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