कोरोना (Corona) का कहर लगातार जारी है। ऑक्सीजन गैस सिलिंडर से लेकर रेमडेसिवियर (Remdesivir Fraud) इंजेक्शन की कमी के चलते इनकी कालाबाजारी भी हो रही है। ऐसे में साइबर क्रिमिनल भी इसका फायदा उठा रहे हैं। लिहाजा, सोशल मीडिया पर तुरंत ऑक्सीजन या इंजेक्शन की सप्लाई करने का दावा करने वालों का एक बार वेरिफाई करना भी जरूरी है। दरअसल, साइबर क्रिमिनल लोगों की मजबूरी का भी फायदा उठाकर एडवांस में पैसे लेकर कोई सप्लाई नहीं दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला गुजरात के अहमदाबाद से सामने आया है।
सोशल मीडिया पर दवाएं और अन्य जरूरी सामान मिलने की पोस्ट वायरल कराकर कई लोगों से ठगी हो रही है। अहमदाबाद के खोखरा के एक व्यक्ति से सोशल मीडिया पर रेमेडीसविर इंजेक्शन के नाम पर 18 हजार रुपये ठग लिए गए। साइबर क्राइम टीम ने मध्य प्रदेश से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। ठगी के शिकार हुए अहमदाबाद के खोखरा निवासी शोकभाई मुदलियार आनंद नगर में एक कंपनी में ऑफिस मैनेजर के रूप में काम करते हैं। 14 अप्रैल को वो बीमार पड़ गए और रिपोर्ट में पता चला कि उन्हें कोरोना है। इसके बाद वे घर में क्वारंटाइन हो गए। इस दौरान उनकी स्थिति खराब हो गई। डॉक्टर ने उन्हें रेमेडेसिवियर इंजेक्शन लेने के लिए कहा। उन्होंने बहुत कोशिश की, लेकिन उन्हें यह इंजेक्शन नहीं मिला। इसी दौरान उन्हें इंजेक्शन पाने के बारे में फेसबुक पर एक पोस्ट दिखा। इसपर एक व्हाट्सएप नंबर था, जिसपर उन्होंने संपर्क किया।
फोन उठाने वाले शख्स ने खुद का परिचय एक कंपनी के अधिकारी के तौर पर दिया। फिर उन्हें डॉक्टर के पर्चे, मरीज के आधार कार्ड और कोरोना की रिपोर्ट भेजने को कहा। पीड़ित ने सबकुछ भेज दिया। तीन इंजेक्शन के लिए 18,000 रुपये उन्हें देने थे। अशोकभाई ने ऑनलाइन पैसा ट्रांसफर कर दिया। उनसे कहा गया कि जल्द इंजेक्शन उनके घर तक पहुंच जाएगा। इसके बाद उनका नंबर ब्लॉक कर दिया गया और उन्हें इंजेक्शन नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने साइबर सेल को इसकी सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज करके जांच शुरू की। इसके बाद मध्य प्रदेश आरोपी अभिषेक गौतम को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला है कि अहमदाबाद के छह से सात लोगों के साथ इसी तरह ठगी हो चुकी है।