Mule Accounts Fraud: बैंकिंग फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे है। मैलवेयर अटैक और फिशिंग के मामलों में भी वृद्धि देखी गई है। इसके लिए ज्यादातर म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता है। जिसे रोकने के लिए आरबीआई द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है।
दरअसल, म्यूल अकाउंट्स ऐसे खाते होते हैं जो केवल कैरी करने या अवैध गतिविधियों के लिए खोले जाते हैं। म्यूल अकाउंट्स के जरिये आसानी से फ्रंट रनिंग या सर्कुलर ट्रेडिंग को अंजाम दिया जाता है। इस तरह का अकाउंट एक व्यक्ति के नाम पर रजिस्टर होता है। लेकिन, इसका उपयोग दूसरे अन्य लोगों द्वारा किया जाता है।
ALSO READ: बेटे के एजुकेशन के लिए 13 लाख का लोन, जालसाजों ने लगा दिया 39 लाख का चूना, जानें क्या है पूरा मामला
म्यूल अकाउंट साइबर क्राइम का हथियार
साइबर क्राइम का हथियार बन चुके इन म्यूल अकाउंट को रोकने के लिए आरबीआई ने भी कोशिश की है। डिजिटल बैंकिंग फ्रॉड पर बायोकैच की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2023 में 302 अरब रुपये के डॉक्युमेंटेड फ्रॉड हुए। इसके साथ ही 13 हजार 530 केस बैंकिंग सिस्टम में सामने आए और फ्रॉड केस में 49 प्रतिशत वृद्धि हुई। वहीं, इस दौरान यूपीआई पेमेंट्स के जरिए भी धोखाधड़ी की गई। इसके साथ ही फिशिंग और मैलवेयर अटैक किए गए। तरह-तरह के इनवेस्टमेंट और पार्ट टाइम जॉब ऑफर्स का झांसा देकर ठगी की गई।
म्यूल अकाउंट से कैसे किया जाता है फर्जीवाड़ा
बात की जाए ये फर्जीवाड़ा होता कैसे है? इसके लिए सबसे पहले निवेशकों को भारी रिटर्न का लालच देकर कुछ पैसे उन्हे उपलब्ध कराए जाते हैं। इसके बाद भरोसा हो जाने पर उनसे कोई बड़ा निवेश करवाया जाता है। इसके लिए म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल किया जाता है। इन अकाउंट के जारिए स्कैमर्स आसानी से हाथ नहीं लगते हैं। बेंगलुरु में इस तरह के 126 खाते हाल ही में सामने आए है। इससे पता चलता है कि Fraud Ecosystem में म्यूल अकाउंट बड़ी समस्या बन गए हैं।
RBI ने रोकथाम के लिए बदले केवाईसी नियम
रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने म्यूल अकाउंट की बढ़ती समस्या को देखते हुए हाल ही में नो योर कस्टमर के नियमों में बदलाव किए थे। इसका उद्देश्य म्यूल अकाउंट पर प्रतिबंध लगाने का है। भारतीय बैंकिंग सिस्टम में म्यूल अकाउंट को रोकने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हालांकि, रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 10 में से 9 म्यूल अकाउंट की ही फिलहाल पहचान हो पाई है।
Follow The420.in on
Telegram | Facebook | Twitter | LinkedIn | Instagram | YouTube
Follow for daily updates on cybercrime, corporate fraud, DFIR, hacking, investigations, and digital forensics